हिन्दी माध्यम से यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा देने के फायदे

June 24, 2013


अगर आप यूपीएससी की परीक्षा दे रहे हैं और आपको अंग्रेजी की पूरी समझ बहुत अच्छी तरह से नहीं हैं, तो आपको यूपीएससी की परीक्षा में नुकसान पहुँच सकता हैं।

सबसे पहले यह समझ लें कि यूपीएससी का सिलेबस बहुत ही बड़ा हैं और अगर आपने math, science या अन्य प्रोफेशनल विषय नहीं चुना हैं, तो आप दूसरे विषयों को हिंदी में ज्यादा अच्छी तरह समझ सकते हैं और उसे व्यक्त कर सकते हैं, यदि आप हिंदी भाषी हैं।

आपने यदि यूपीएससी में आर्ट्स विषय चुना हैं और आप हिंदी भाषी हैं, तो आपको अच्छे मार्क्स लाने के लिए आपको UPSC की परीक्षा हिंदी माध्यम से देने चाहिए। अगर आप अपने विषय हिंदी माध्यम से पढ़ते हैं तो आप ज्यादा सामग्री पढ़ पाएगें, ज्यादा समझेगें और ज्यादा सामग्री याद रख पाएगें।

यूपीएससी का सिलेबस इस तरह हैं कि इसमें ज्यादा से ज्यादा सामग्री याद रखने की जरुरत हैं। अगर आपकी अंग्रेजी कमजोर हैं और आप अंग्रेजी से यूपीएससी का कोर्स पढ़ेगे तो ज्यादातर चीज समझ ही नहीं पाएगें और कुछ याद भी नहीं रख पाएगें, इसकी वजह से आपका बहुमूल्य समय नष्ट होगा।

प्रारंभिक परीक्षा में आप जितना ज्यादा कोर्स याद रख पाएगें, आपकी सफलता की उम्मीद उतनी ही ज्यादा हो जाएगी। मुख्य परीक्षा में अगर आपने आर्ट्स पेपर लिया हैं तो आपको अपनी समझ से बहुत कुछ लिखना पड़ता हैं। आप अच्छी तरह से किसी विषय को अपनी ही भाषा में समझा सकते हैं। हिंदी में उत्तर लिखने पर आप अपने विचारों को अच्छी तरह से लिख सकते हैं। आप जितना अच्छी तरह लिखेगें आपको मार्क्स भी उतना ही ज्यादा मिलेगा।

ऐसा नहीं हैं कि आप यदि अंग्रेजी में उत्तर लिखेगें, तो आपको मार्क्स ज्यादा मिलेगा। मार्क्स सिर्फ इस पर निर्भर करता हैं कि उत्तर आपने कितने अच्छे से लिखा हैं। साक्षात्कार में भी अगर आप हिंदी माध्यम चुने हैं तो सारे मेम्बर आपसे हिंदी में ही सवाल पूछेगे। आप पूरी तरह हिंदी में जवाब दे सकते हैं। अंग्रेजी में साक्षात्कार नहीं देने से कम नंबर नहीं मिलेगा।

हिंदी माध्यम में UPSC के लिए बहुत सारी अच्छी किताबें उपलब्ध हैं।आप उन किताबों को अच्छी तरह पढ़ सकते हैं और UPSC में सफलता पा सकते हैं।

श्रेणि: करियर (Career)हिंदी (Hindi)

Comments (1)

  1. प्रेम says:

    हिंदी भाषियों के लिए उत्साहजनक आलेख|

कमेंट लिखें

Back to Top