दांत दर्द का कारण और उपचार

अगर दांत में दर्द हो रहा हो तो उसे गंभीरता से लेना चाहिए। दांत का दर्द अपने आप ठीक नहीं होता है। दांत के दर्द को रोकने के लिए इलाज जरुरी होता है।

दांत का दर्द कई कारणों से हो सकता है उसका मुख्य कारण है पायरिया। अगर दांतो के मसूड़ों में पायरिया के कीटाणु जम गए हो तो वे कीटाणु वहां पर सड़न पैदा करते हैं, मसूड़े कमजोर हो जाते है, मसूड़ों से खून निकलना चालू हो जाता है और दर्द शुरू हो जाता है। पायरिया का उपाय यह है कि दातों की उचित सफाई की जानी चाहिए और डेंटिस्ट की सलाह के अनुसार ट्रीटमेंट करना चाहिए।

दांतों का दर्द का दूसरा कारण दांतों में कैविटी होना है। अगर दांत में कैविटी हो जाए तो दांत का ऊपरी परत गल जाता है। दांत के अंदर खून की नसें होती है, कैविटी के कारण वह बाहरी वातावरण के संपर्क में आ जाता है और कीटाणु के संपर्क में आ जाता है। कीटाणु वहां पर धीरे-धीरे जमने लगते है और दांतों के अंदर इंफेक्शन शुरू हो जाता है और कीटाणु की संख्या जब काफी बढ़ जाती है तो दांत के अंदर दवाब काफी बढ़ जाता है और काफी तेज दर्द होता है।

अगर दांतो में कैविटी ज्यादा हो गया हो तो उसका एक ही उपाय है रुट कैनाल ट्रीटमेंट (Root canal treatment)। रुट कैनल ट्रीटमेंट में सबसे पहले दांत की ऊपरी परत अच्छी तरह हटाया जाता है और दांत के बीच की नसों को हटा दिया जाता है और वहां पर गट्टा परचा (नेचुरल रबर) से भर दिया जाता है और उसके ऊपर कैप लगा दिया जाता है। दांत के अंदर नसें नहीं होने से दर्द खत्म हो जाता है और दातों के अंदर का इंफेक्शन भी खत्म हो जाता है।

कैविटी को होने से पहले ही रोकना पड़ता है। दांत को दिन में कम से कम दो बार जरूर अच्छे से साफ़ करना चाहिए और दांत का नियमित चेकअप कराते रहना चाहिए।

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