बेरोजगारी की समस्या पर निबंध

भारत में बेरोजगारी एक बहुत ही गंभीर समस्या है जो समय के साथ बढ़ती ही जा रही है।  बेरोजगारी के कारण भारत की जनसंख्या का एक बहुत बड़ा हिस्सा गरीबी की जिंदगी जी रहा है।  बहुत सारे लोगों को नौकरी नहीं मिलने के कारण काफी दुखों का सामना करना पड़ता है उन्हें नौकरी की तलाश में बहुत ज्यादा समय गंवाना पड़ता है।

भारत में बेरोजगारी की समस्या इसलिए ज्यादा गंभीर है क्योंकि भारत में इंडस्ट्रीज का ज्यादा विकास नहीं हो पाया है। भारत में प्राइवेट सेक्टर में जॉब अन्य देशों की तुलना में काफी कम है।  भारत की जनसंख्या ज्यादा है और प्राइवेट सेक्टर में नौकरी कम है। सरकारी क्षेत्रों में तो नई नौकरियां बिल्कुल कम निकल रही है।

ज्यादातर युवा वर्ग के साथ एक और समस्या यह है कि वे लोग नौकरी लेने के लिए जितनी मेहनत करते हैं, बिजनेस करने के लिए इतनी मेहनत नहीं करते।  ज्यादातर लोगों का मानना है कि बिजनेस करना एक रिस्क भरा काम है, इसमें पैसा डूब सकता है और इसकी तुलना में नौकरी करना सुरक्षित है और इससे आराम की जिंदगी जी जा सकती है।

भारत की शिक्षा प्रणाली भी इस तरह की है कि वह छात्रों को नौकरी करने के लिए ही तैयार करता है ऐसे छात्र बड़े होकर नौकरी के अलावा और कोई दूसरे विकल्प के बारे में सोच भी नहीं पाते । पैसे कमाने के लिए नौकरी ही एकमात्र जरिया नहीं होता है यह छात्रों को समझना चाहिए।   शिक्षा व्यवस्था में सुधार से सर्विस सेक्टर का समुचित विकास होगा और कई सारी नौकरियां बनेगी।

जो लोग बिजनेस करना चाहते हैं उनके लिए भी भारत में काफी मुसीबतें हैं । उन्हें आसानी से बिजनेस चलाने के लिए पैसे नहीं मिलते और कई सारे नियमों का पालन करना पड़ता है जिसके कारण बिजनेस करके कमाई करने में काफी ज्यादा समय लग जाता है।

भारत से बेरोजगारी कम करने के लिए सबसे पहले तो शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है।  छात्रों को सिर्फ नौकरी करने के लिए नहीं पढ़ा कर उनके समुचित विकास पर ध्यान देना पड़ेगा, जिससे युवा वर्ग नौकरी करने के बजाए दूसरों को नौकरी देने के बारे में सोचें।  सरकारी तंत्र में सुधार की जरूरत है जिसकी वजह से प्राइवेट सेक्टर का विकास होगा और उससे कई सारी नौकरियां निकल कर आएंगे। नया व्यापार शुरू करने के लिए नियम काफी सरल होने चाहिए जिससे लोगों को व्यापार शुरू करने में दिक्कत ना हो।

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