नारी शिक्षा पर निबंध



आज भी भारत में ऐसा पाया गया है कि कई सारे लोग लड़कियों के बजाय लड़कों की पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देते हैं। उन लोगों को यह लगता है कि लड़कियों का काम सिर्फ घर का काम करना और खाना बनाना है। लेकिन सच्चाई यह है कि लड़कियों के पढ़ाई पर उतना ही ध्यान देने की जरूरत है जितना लड़कों की पढ़ाई पर। आज के जमाने में हरेक तरह के नौकरी या व्यवसाय में लड़कियां उतनी ही काबिलियत से काम कर रही हैं जितना लड़के करते हैं, इसलिए लड़कियों को उतना ही शिक्षित करने की जरूरत है जितना लोग लड़कों को करते हैं।

कई सारे लोग अपनी लड़कियों को स्कूल में तो अच्छे से पढ़ाते हैं, लेकिन स्कूल के आगे उसकी पढ़ाई पर ध्यान नहीं देते हैं और जैसे-तैसे थोड़ी बहुत पढ़ाई करवा कर लड़कियों की शादी कराने में दिलचस्पी दिखाने लगते हैं। उन लोगों को यह लगता है कि लड़की एक बोझ है और शादी करके ससुराल भेज कर अपना बोझ हल्का करना चाहते हैं। ऐसे लोग लड़कियों के पढ़ाई पर ज्यादा खर्च ना कर उसके दहेज के लिए पैसे जमा करने लगते हैं।

भारत में ज्यादातर लोगों को यह लगता है कि अगर लड़कियों की शादी अच्छे घर में कर दी जाए तो वह हमेशा खुश रहेगी। लेकिन ऐसा नहीं है कई बार ऐसा देखा गया है कि वह ससुराल में भी प्रताड़ित होती है और कम शिक्षा की वजह से वह दुख झेलती है। अगर वही लड़की पढ़ी-लिखी होती तो अपने पति पर निर्भर नहीं रहती और लड़कियों को जिल्लत का सामना नहीं करना पड़ता। अगर लड़कियों का आत्मसम्मान बढ़ाना है तो उसे लड़कों के बराबर शिक्षित होना जरूरी है।

आजकल कई सारे नौकरियों में लड़कियों को ज्यादा वरीयता दी जाती है। अगर लड़कियां शिक्षित हो तो वह लड़कों की तुलना में आसानी से नौकरी पा सकती है और वे अपने परिवार का अच्छे से ध्यान रख सकती है और लड़कियों की सफलता से उनके मां-बाप का भी नाम रोशन होता है।

महिलाओं की शिक्षा ही महिलाओं की असली ताकत है। अगर महिलाएं शिक्षित हो तो वे कहीं भी रह कर नौकरी या बिजनेस कर सकती हैं और भारत के विकास में भागीदार बन सकती हैं। शिक्षित महिलाएं अपने बच्चों का बेहतर ढंग से परवरिश कर सकती है और उसे अच्छे से पढ़ा सकती है।

अगर लड़कियां कम पढ़ी-लिखी हो तो उन्हें काफी तकलीफ झेलनी पड़ती है। कई तरह के बैंक के काम, बाजार के काम और रोजमर्रा के कामों में अच्छी पढ़ाई-लिखाई काफी काम आती है।

जो लोग नारी की शिक्षा पर ध्यान नहीं देते हैं, वे एक तरह से नारी के अधिकार उनसे छीन रहे हैं। दूसरे लोगों का यह फर्ज बनता है कि वह लोगों को समझाएं कि महिलाओं को अच्छे से शिक्षित करना जरूरी है ताकि उनका विकास हो सके, वे सम्मान से जी पाए और घर के लोगों का ध्यान अच्छे से रख पाएं।

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