सहजन के फायदे

सहजन के पेड़ के लगभग सभी भागों में औषधीय गुण पाया जाता हैं।  यह औषधीय गुण कई बीमारियों के उपचार में विशेष रूप से फायदेमंद होते हैं। सहजन के पत्ते, छाल, फूल, फल, बीज और जड़ दवा बनाने के लिए उपयोग किया जाता हैं। सहजन का प्रयोग एनीमिया, गठिया और अन्य जोड़ों के दर्द, अस्थमा, कैंसर, कब्ज, मधुमेह, दस्त, मिर्गी, पेट दर्द, पेट और आंतों में अल्सर, आंतों की ऐंठन, सिरदर्द, दिल की समस्याओं, उच्च रक्तचाप, गुर्दे की पथरी, थायराइड विकार और बैक्टीरिया, फंगल और वायरल के संक्रमण के उपचार के लिए किया जाता हैं।

सहजन के लाभ –

  • सहजन में दूध की तुलना में अधिक कैल्शियम, पालक से अधिक आयरन, संतरे की तुलना में अधिक विटामिन सी, केले से अधिक पोटेशियम और गाजर की तुलना में अधिक विटामिन ए होते हैं।
  • सहजन में विटामिन ए भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं जो नेत्र रोग, त्वचा में संक्रमण और हृदय रोग के उपचार में मदद करता हैं।
  • सहजन में मौजूद एंटी बैक्टीरियल गुण गले, छाती और त्वचा के संक्रमण को रोकने में बहुत उपयोगी होता है।
  • सहजन में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं जो हड्डियों और दातों को मजबूत बनाता हैं।
  • सहजन मिनरल्स जैसे कैल्शियम, आयरन, कॉपर, मैंगनीज, जस्ता, सेलेनियम और मैग्नीशियम का एक अच्छा स्त्रोत हैं।
  • सहजन के पत्ते, फूल और बीज यौन दुर्बलता और कमजोरी दूर करने में मदद करते हैं।
  • सहजन सूजन को कम करने, प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने और स्तन के दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए प्रयोग किया जाता है। कुछ लोग इसका इस्तेमाल टॉनिक के रूप में करते हैं।
  • सहजन की ताजा पत्ती का रस नींबू के रस के साथ मिलाकर चेहरे की त्वचा पर लगाने से मुँहासे से छुटकारा मिल सकता हैं।
  • सहजन विटामिन सी का एक अच्छा स्त्रोत हैं जो सर्दी और फ्लू के उपचार में मदद करता हैं।

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