3 Hindi https://3hindi.com 3 Hindi Sun, 08 Sep 2024 19:30:29 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 NPS Calculator – पेंशन और एकमुश्त रकम कितना मिलेगा जानें https://3hindi.com/nps-pension-calculator/ Sun, 08 Sep 2024 19:30:29 +0000 https://3hindi.com/?p=3125 Read More »]]> इस NPS कैलकुलेटर से रिटायरमेंट के समय NPS अकाउंट में लगभग कुल कितनी राशि होगी, हर महीने की लगभग पेंशन क्या होगी , एकमुश्त रकम कितना मिलेगा आप जान पाएंगे। वेतन वृद्धि, पेंशन राशि हर माह बढ़ने को भी calculation मे लिया गया है । यह यूपीएस (UPS) विकल्प लेने पर लगभग कितना पेंशन मिलेगा यह भी बताता है। कृपया नीचे भरें और क्लिक करें।

पेंशन देने वाले वेबसाइटों पर, पेंशन मूल्य थोड़ा भिन्न हो सकता है क्योंकि ज्यादातर वे पेंशन खाते में निश्चित मासिक जमा के रूप में इनपुट लेते हैं (जबकि यह आम तौर पर वेतन वृद्धि के साथ बढ़ता है, इसको समान करने के लिए ऊपर वेतन वृद्धि के लिए 0% का चयन करें)। वे अधिकतर निश्चित पेंशन राशि का भुगतान करते हैं और उन्हें पेंशन भुगतान से मार्जिन भी लेना पड़ता है।

यदि कोई पेंशन प्रदाता उपरोक्त के अनुसार रिटर्न नहीं दे रहा है, तो आप एफडी या म्यूचुअल फंड में राशि जमा कर सकते हैं जो आपके चयन के अनुसार रिटर्न दे सकता है और आप उपरोक्त गणना के अनुसार मासिक रूप से पैसा निकाल सकते हैं।

उपरोक्त गणना केवल मोटे अनुमान के लिए है। वास्तविक पेंशन किसी भी सीमा तक भिन्न हो सकती है। यदि आपको गणना में कोई त्रुटि मिलती है या आप कोई सुझाव देना चाहते हैं, तो कृपया admin@3hindi.com पर ईमेल करें।

Disclaimer : आंकड़ों की गणना कई मान्यताओं पर आधारित हैं और केवल संकेतात्मक हैं। यह वेबसाईट किसी रिटर्न या पेंशन राशि की गारंटी या आश्वासन नहीं देता है। इसे financial advice के रूप मे ना लें । कुछ भी निर्णय लेने से पहले pofessional financial advisor की सलाह लें।

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पर्यावरण संरक्षण के उपाय पर निबंध https://3hindi.com/nibandh-on-environment-protection/ https://3hindi.com/nibandh-on-environment-protection/#respond Sat, 11 May 2024 00:02:26 +0000 https://3hindi.com/?p=3105 Read More »]]>

पर्यावरण संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है। आधुनिक जीवनशैली के तेजी से बदलते परिस्थितियों में, पर्यावरण संरक्षण का महत्व और आवश्यकता अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। हमें सुनिश्चित करना होगा कि हम अपने पर्यावरण की रक्षा के लिए सक्रिय योगदान करते हैं।

प्रथम उपाय में, हमें प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए अपने उपयोग में स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों का चयन करना होगा। जल, वायु, और भूमि प्रदूषण को कम करने के लिए जल्दी ही कठिन नियम और नियंत्रण कार्यों को लागू किया जाना चाहिए।

द्वितीय उपाय में, हमें वन्यजीवों की संरक्षण को प्राथमिकता देनी चाहिए। वन्यजीवों की हत्या, जंगलों के कटाई, और जलवायु परिवर्तन जैसी प्रमुख समस्याओं का सामना करना होगा। हमें उनकी संरक्षण के लिए सशक्त प्राकृतिक अभ्यांतरण की आवश्यकता है।

तृतीय उपाय में, हमें ऊर्जा के स्रोत को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए प्राथमिकता देनी चाहिए। विकसित और नवाचारी प्रौद्योगिकी का उपयोग करके हम सौर, वायु, और जल संयंत्रों का उपयोग कर सकते हैं।

अंतिम उपाय में, हमें समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देना चाहिए। सामुदायिक अभियान, पर्यावरण शिक्षा, और संगठनों के साथ सहयोग करने के माध्यम से हम पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा सकते हैं।

इन उपायों के माध्यम से, हम सभी मिलकर पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी को समझेंगे और सकारात्मक रूप से योगदान करेंगे। हमारे कदम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रकार का संकेत होंगे और हम सभी एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य का निर्माण करेंगे।

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YouTube से कमाई कितनी, जानें उसके सब्सक्राइबर के नंबर से https://3hindi.com/income-from-youtube-in-india/ https://3hindi.com/income-from-youtube-in-india/#comments Sun, 14 Aug 2022 15:47:58 +0000 https://3hindi.com/?p=3089 Read More »]]> भारत में किसी भी Youtube चैनल की पूरी कमाई उस चैनल  की  सब्सक्राइबर की संख्या के लगभग बराबर होती है। जैसे कि, किसी Youtube चैनल के सब्सक्राइबर्स की संख्या अगर 20,000 है तो उस Youtube चैनल से कुल कमाई अब तक लगभग ₹20,000 हुई होगी ऐसा आप अंदाजा लगा सकते हैं। कमाई कुछ ऊपर भी हो सकती है और कुछ नीचे भी हो सकती है। यह निर्भर करता है कि, उस चैनल का कंटेंट किस टॉपिक पर है? अगर कंटेंट अमीर लोगों के लिए है जैसे स्टॉक मार्केट या फिर ट्रेडींग तो उस चैनल पर ज्यादा कमाई होगी।

दूसरा आसान तरीका यूट्यूब चैनल की कमाई जानने का यह है कि हर 1000 व्यूज़ पर लगभग ₹40 की कमाई होगी। इसका मतलब यह हुआ कि, अगर उस चैनल का कुल व्यू 1,00,000 है तो इनकम रुपये 40,000  और अगर उस चैनल का व्यू 1,00,00,000 है तो लगभग ₹ 4,00,000 की कमाई होगी। तो सीधा सीधा मतलब यह है कि अगर किसी वीडियो पर एक करोड़ व्यू आता है तो उसके कारण लगभग यूट्यूब से कमाई ₹4,00,000 होगी ।

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डीएसएलआर कैमरा क्या होता है – और इसके फायदे https://3hindi.com/%e0%a4%a1%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%8f%e0%a4%b2%e0%a4%86%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a4%be/ https://3hindi.com/%e0%a4%a1%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%8f%e0%a4%b2%e0%a4%86%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a4%be/#comments Wed, 03 Feb 2021 02:55:17 +0000 https://3hindi.com/?p=3074 Read More »]]> डीएसएलआर कैमरा साधारण कैमरे की तुलना में काफी साफ सुथरा और ज्यादा रंगीन फोटो  निकालता है।  इसका कारण यह है कि डीएसएलआर कैमरे  का सेंसर साधारण  प्वाइंट एंड शूट  कैमरे के सेंसर से काफी बड़ा होता है।  सेंसर की तुलना आप एक पर्दे से कर सकते हैं जिस पर बाहर से लाइट पड़ता है। अगर पर्दा बड़ा हो तो उसमें बाहर से आने वाला लाइट  अपने पूरे डिटेल्स को अच्छी तरह पर्दे पर छाप सकता है। इस वजह से ज्यादा डिटेल्स वाला इमेज बन पाता है। 

डीएसएलआर का फुल फॉर्म है डिजिटल सिंगल लेंस  रिफ्लेक्स – डिजिटल से मतलब है की  इसमें फिल्म नहीं होता है  यह एक डिजिटल कैमरा  है।  रिफ्लेक्स  से मतलब है जिसमें एक आईना लगा होता है जब तक आप फोटो खींचते नहीं है  तब तक लाइट  आईने से रिफ्लेक्ट होकर  view finder में आता है और आप,  इमेज कैसा होगा इसे देख सकते हैं। जब आप फोटो खींचने का बटन दबाते हैं तो आईना हट जाता है और लेंस से आने वाला लाइट सेंसर पर पड़ने लगता है और इमेज रिकॉर्ड हो जाता है। साधारण प्वाइंट एंड शूट कैमरा में आईना नहीं होता है, इसमें लेंस  से  गुजरने के बाद लाइट सीधा सीधा  सेंसर  पर पड़ता है और इमेज प्रोसेसर  सॉफ्टवेयर, इमेज प्रोसेस करता रहता है।  यही  इमेज LCD मे  दिखता रहता है। जब आप फोटो खींचने का बटन  दबाते हैं तो यह इमेज को  फ्रिज कर देता है। 

क्योंकि साधारण प्वाइंट एंड शूट कैमरा और मोबाइल फोन के सेंसर का साइज काफी छोटा होता है इसलिए इसमें बनने वाला इमेज भी काफी साफ सुथरा नहीं रहता है।  अगर लाइट कम हो तो फोटो काफी दानेदार दिखता है। डीएसएलआर कैमरा में सेंसर के साथ-साथ लेंस का साइज बड़ा होता है जिससे यह फायदा होता है कि लेंस की फोकस का अच्छी तरह इस्तेमाल हो पाता है। फोकस के सही इस्तेमाल से  इमेज को काफी सुंदर बनाया जा सकता है।

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बच्चों को म्यूजिक (संगीत) सिखाने के फायदे https://3hindi.com/benefits-of-music-for-kids-in-hindi/ https://3hindi.com/benefits-of-music-for-kids-in-hindi/#respond Thu, 28 May 2020 13:27:26 +0000 https://3hindi.com/?p=3055 Read More »]]> बच्चों को म्यूजिक सिखाना बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है। कई सारे माता-पिता को लगता है कि म्यूजिक सीखना एक बहुत ही मुश्किल काम है, लेकिन अगर एक अच्छा म्यूजिक टीचर हो तो वह बच्चे को शुरू से ही म्यूजिक काफी अच्छे से सिखा सकते है। संगीत एक कला है अगर कोई भी बच्चा पूरे ध्यान से संगीत के सारे नियमों को फॉलो करते हुए अच्छे से सीखे तो वह संगीत बहुत अच्छे से सीख सकता है और आगे चलकर म्यूजिक को काफी ज्यादा इस्तेमाल कर सकता है।

म्यूजिक सीखने का पहला फायदा यह है कि अगर बच्चा कम उम्र में ही संगीत सिखना शुरू कर दें तो उनमें भाषा की समझ दूसरे बच्चों की तुलना में अधिक होता है। संगीत सिखने में बच्चों को बहुत मजा आता है और वह तनाव से दूर होता है। म्यूजिक बच्चों के दिमाग को शांत करने और एकाग्रता को बढ़ाने में मदद करता है।

संगीत सीखने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अगर कोई किसी के रूचि के बारे में पूछता है तो उसे एक बहुत ही अच्छा ऑप्शन मिल जाता है। वे यह बोल सकता है कि मुझे यह म्यूजिक आता है, मुझे यह वाद्य यंत्र बजाने आता है और कई सारे जगह पर वह वाद्य यंत्र बजाकर लोगों का मनोरंजन भी कर सकता है और लोगों के बीच प्रचलित भी हो सकता है। इस शौक की वजह से और यह म्यूजिक जानने की वजह से कई लोग उनसे कांटेक्ट बनाते हैं। इन कांटेक्ट की वजह से भविष्य में ऐसे लोगों को काफी ज्यादा फायदा होता है। इसलिए बच्चों को संगीत जरूर सिखाएं। अगर कोई बच्चा सच में म्यूजिक में बहुत ज्यादा लगनशील है या फिर काफी अच्छे से म्यूजिक बजा रहा हो तो आगे चलकर म्यूजिक में बहुत ही अच्छा करियर बना सकता है।

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बच्चों को डांस (नृत्य) सिखाने के फायदे https://3hindi.com/benefits-of-dance-for-kids-in-hindi/ https://3hindi.com/benefits-of-dance-for-kids-in-hindi/#respond Thu, 28 May 2020 13:12:25 +0000 https://3hindi.com/?p=3047 Read More »]]> कई सारे माता-पिता को लगता है कि छोटे बच्चे को डांस सिखाने से बहुत ज्यादा फायदा नहीं होगा। उन्हें यह लगता है कि अगर बच्चे को डांस सिखाया जाए तो बच्चे का काफी समय बर्बाद होता है और वह उस समय का उपयोग पढ़ाई-लिखाई में नहीं कर सकते हैं। लेकिन उनकी सोच गलत है असल में बच्चों को डांस सिखाना काफी फायदेमंद होता है। सबसे पहला फायदा तो यह होता है कि कई बच्चों में स्टेज पर जाने में काफी घबराहट महसूस होती है। अगर बच्चे डांस सीखते हैं और स्टेज पर डांस परफॉर्म करते हैं तो उन्हें स्टेज पर डर लगना काफी कम हो जाता है और बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है।

डांस की वजह से बच्चों की एकाग्रता बढ़ती है। कुछ नया सीखने की वजह से बच्चों को काफी मजा आता है और वह तनाव से दूर होते हैं और साथ ही साथ बच्चों का शारीरिक व्यायाम भी हो जाता है। डांस सीखने से बच्चों के बीच एक लय में कार्य करने की सीख मिलती है। कई बच्चे समय काटने के लिए टीवी या मोबाइल में डूबे रहते हैं, ऐसे बच्चे अगर डांस सीखें तो वह टीवी और मोबाइल से दूर हो पाएंगे और कुछ अच्छी चीजें कर पाएंगे।

डांस सीखने के समय ही कई बच्चों के टैलेंट का पता चलता है। अगर यह पता चलता है कि बच्चे सचमुच में काफी अच्छा डांस सीख रहे हैं तो वह आगे चलकर डांस में करियर बना सकते हैं। आजकल डांस में करियर बनाने की काफी रास्ते उपलब्ध है। आजकल कोरियोग्राफर बहुत ज्यादा पैसे कमा रहे है। कम उम्र में ही लोग अच्छा कोरियोग्राफी करके बहुत सारा पैसा कमा लेते हैं। अगर आपका बच्चा भी शर्मिला है तो उसे डांस क्लास में जरूर डालें, इससे बच्चों की शर्म करने की आदत बहुत कम हो जाती है और उनमें आत्मविश्वास भर जाता है।

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मुंबई में घर का किराया https://3hindi.com/house-rent-price-in-mumbai/ https://3hindi.com/house-rent-price-in-mumbai/#comments Thu, 28 May 2020 11:45:05 +0000 https://3hindi.com/?p=3039 Read More »]]> मुंबई में किसी भी आदमी के लिए घर का किराया बहुत ज्यादा बड़ा होता है। अगर मुंबई के बीच में रहकर 2-बीएचके फ्लैट लिया जाए तो लगभग 30 से ₹35000 और 1-बीएचके लिया जाए तो खर्च 15 से 20000 तक आता है। मुम्बई सबसे महंगे शहरों में एक है। यहां पर रहना काफी खर्चीला साबित होता है। यहाँ सबसे ज्यादा खर्च तो घर का किराया देने में जाता है। कई सारे लोगों की आधी से ज्यादा सैलरी सिर्फ घर का किराया देने में चला जाता है। बहुत सारे लोग बहुत ज्यादा कमाते हैं लेकिन बड़े घर फिर भी नहीं ले पाते हैं क्योंकि बड़े घरों का किराया तो और ज्यादा होता है।

अगर बड़ा घर लिया जाए तो खर्च लगभग ₹100000 से भी ज्यादा आता है। इसलिए कई सारे लोग मुंबई शहर के बीचों-बीच ना रहकर मुंबई के बाहरी हिस्सों में रहते हैं और वे लोग वहीं से रोज मुंबई आते-जाते हैं, इसमें उन लोगों का बहुत ज्यादा समय भी बर्बाद होता है। बहुत सारे लोग मुंबई के बाहरी इलाकों में रहते हैं और रोज आना-जाना करते हैं। हालांकि उन्हें आने-जाने में काफी खर्च और दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, लेकिन पैसे बचाने के लिए वे लोग यह करने को तैयार हो जाते हैं।

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ऐसे म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) जिसमें पैसे नहीं डूबते हैं https://3hindi.com/mutual-fund-investment-plan-in-hindi/ https://3hindi.com/mutual-fund-investment-plan-in-hindi/#respond Thu, 28 May 2020 11:27:08 +0000 https://3hindi.com/?p=3034 Read More »]]> आम लोगों की अवधारणा है कि म्यूचुअल फंड में पैसे लगाने पर आपको फायदा भी हो सकता है और साथ में नुकसान भी हो सकता है। लेकिन आपको शायद यह नहीं मालूम है कि ऐसे म्यूचुअल फंड भी है जिसमें पैसे डूबने के चांस लगभग नहीं के बराबर है और ऐसा म्यूचुअल फंड है डेब्ट म्यूच्यूअल फंड। डेब्ट (debt) म्यूचुअल फंड में पैसे डूबने के चांस बहुत ही कम होते हैं लेकिन इसमें जो पैसे बढ़ते हैं वह भी काफी कम होता है तो यह एक तरह से लो रिस्क लो गेन वाला म्यूचुअल फंड होता है।

अब जानिए कि अगर आप इंटरेस्ट इनकम कमाना चाहते हैं तो म्यूचुअल फंड में ही क्यों पैसे लगाना चाहिए। अगर आप अपने पैसे बैंक में फिक्स डिपॉजिट में भी डालते हैं तो आपको इंटरेस्ट इनकम होगा। लेकिन बैंक में एफडी कराने पर जो प्रॉब्लम होती हैं उसमें सबसे पहला प्रॉब्लम तो यह है कि बैंक में जमा किए गए फिक्स डिपॉजिट में जो कुछ भी इंटरेस्ट इनकम होता है उस इंटरेस्ट पर हर साल आपको टैक्स देना जरूरी है। दूसरा प्रॉब्लम यह है कि अगर बैंक किसी वजह से डूब जाता है तो आपका पैसा बैंक में अटक सकता है और नहीं भी निकल सकता है। इसलिए आपको म्यूचुअल फंड में पैसे लगाने चाहिए।

म्यूचुअल फंड खास करके टॉप म्यूचुअल फंड में पैसे लगाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि म्यूचुअल फंड समय-समय पर अपने फंड की पूरी जानकारी देता रहता है। इससे लोगों को यह पता चलता रहता है कि इस म्यूच्यूअल फंड के डूबने के कितने चांस है। वैसे म्यूचुअल फंड के डूबने के चांस लगभग नहीं के बराबर होता है। दूसरा फायदा यह है कि म्यूचुअल फंड में आपके जितने भी इंटरेस्ट से कमाई होती है उस कमाई पर टैक्स तभी देना पड़ेगा, जब आप म्यूचुअल फंड से बाहर आते हैं और अगर आपने म्यूचुअल फंड कई साल रखे हुए हैं तो आपको लॉन्ग टर्म गेन पर टैक्स देना पड़ेगा जो कम रहता है और वह भी तब देना पड़ेगा, जब म्यूचुअल फंड तोड़ेंगे।

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क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड में अंतर https://3hindi.com/difference-between-credit-card-and-debit-card-in-hindi/ https://3hindi.com/difference-between-credit-card-and-debit-card-in-hindi/#respond Thu, 28 May 2020 08:10:51 +0000 https://3hindi.com/?p=3024 Read More »]]> कई सारे लोगों को लगता है कि डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड एक ही चीज है, लेकिन दोनों में काफी ज्यादा अंतर होता है। डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करने पर पैसा सीधे-सीधे आपके अकाउंट से कट जाता है। अगर गलती से डेबिट कार्ड से ज्यादा पैसे कटते हैं तो आपका बैंक से सीधा पैसे कट जाता है और फिर उसे कैंसिल करने के लिए आपको काफी ज्यादा भागदौड़ करनी पड़ती है।

लेकिन अगर वही खरीदारी क्रेडिट कार्ड से करें तो ट्रांजैक्शन होते ही पैसे दुकानदार के अकाउंट में नहीं जाता है और पैसे भी आपके अकाउंट से तुरंत नहीं कटता है। जो भी ट्रांजैक्शन होता है वह बस रिकॉर्ड कर दिया जाता है और महीने के अंत में जितने ज्यादा ट्रांजैक्शन होते हैं उन सब को जोड़कर बिल तैयार होता है और आप उस बिल का भुगतान एक बार में कर देते हैं।

महीने में एक बार क्रेडिट कार्ड के पैसे जमा होते हैं। जब भी आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं और ट्रांजैक्शन होने के बाद अगर आपको पता चलता है कि ट्रांजैक्शन में गड़बड़ हुई है तो आप तुरंत कस्टमर केयर को फोन कर उसे बताते है। तब कस्टमर केयर उस सेलर से कांटेक्ट करता है और जानने की कोशिश करता है कि यह सही है या गलत। अगर ट्रांजैक्शन गलत पाया जाता है तो पैसे आपके अकाउंट में तुरंत ही वापस आ जाता है। सेलर झूठ भी नहीं बोल सकता है क्योंकि झूठ बोलने पर कार्ड वाला उसके अकाउंट को कैंसिल कर सकता है क्योंकि पैसे आपके अकाउंट में नहीं कटा होता है इसलिए ट्रांजैक्शन को तुरंत कैंसिल कर दिया जाता है। इसकी तुलना में डेबिट कार्ड से एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में पैसे ट्रांसफर तुरंत हो जाता है।

क्रेडिट कार्ड से कम्पनियाँ बहुत ज्यादा पैसे कमाती है, इसलिए क्रेडिट कार्ड से मिलने वाले ऑफर और डिस्काउंट भी डेबिट कार्ड की तुलना में ज्यादा है।

अगर आपके पास बैंक में पैसे ना भी हो और जरुरी शॉपिंग तुरंत करनी हो तो उस समय क्रेडिट कार्ड बहुत काम आता है। लेकिन डेबिट कार्ड तभी काम में आयेगा जब आपके अकाउंट में पैसे हो।

कई सारी दूसरे देशों की वेबसाइट पर ट्रांजैक्शन करना हो तो कई बार सिर्फ क्रेडिट कार्ड ही काम आता है, डेबिट कार्ड नहीं।

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित इसलिए भी है कि इसमें एक लिमिट सेट किया रहता है। उस लिमिट से ज्यादा रकम कोई भी नहीं काट सकता है। डेबिट कार्ड सीधे-सीधे आपके बैंक से लिंक रहता है और डेबिट कार्ड को अगर कोई मिसयूज करें तो आपका पूरा का पूरा बैंक खाली कर सकता है। इसलिए अगर आपके पास डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड दोनों का ऑप्शन मौजूद हो तो आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल ज्यादा करें।

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12 महीनों के नाम हिंदी और अंग्रेजी में https://3hindi.com/12-months-name-in-hindi-english/ https://3hindi.com/12-months-name-in-hindi-english/#respond Wed, 27 May 2020 10:07:09 +0000 https://3hindi.com/?p=3017 Read More »]]> 12 हिंदी (हिन्दू) महीनों के नाम हिन्दू कैलेंडर के अनुसार –

  1. चैत्र माह (मार्च-अप्रैल)
  2. वैशाख माह (अप्रैल-मई)
  3. ज्येष्ठ माह (मई-जून)
  4. आषाढ़ माह (जून-जुलाई)
  5. श्रावण माह (जुलाई-अगस्त)
  6. भाद्रपद माह (अगस्त-सितम्बर)
  7. आश्विन माह (सितम्बर-अक्टूबर)
  8. कार्तिक माह (अक्टूबर-नवम्बर)
  9. मार्गशीर्ष माह (नवम्बर-दिसम्बर)
  10. पौष माह (दिसम्बर-जनवरी)
  11. माघ माह (जनवरी-फरवरी)
  12. फाल्गुन माह (फरवरी-मार्च)

12 अंग्रेजी महीनों के नाम –

  1. January – जनवरी – 31 दिन
  2. February – फ़रवरी – 28 दिन (लीप वर्ष में 29 दिन)
  3. March – मार्च – 31 दिन
  4. April – अप्रैल – 30 दिन
  5. May – मई – 31 दिन
  6. June – जून – 30 दिन
  7. July – जुलाई – 31 दिन
  8. August – अगस्त – 31 दिन
  9. September सितम्बर – 30 दिन
  10. October – अक्टूबर – 31 दिन
  11. November – नवम्बर – 30 दिन
  12. December – दिसम्बर – 31 दिन

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