पंडित जवाहरलाल नेहरू पर निबंध

पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत के पहले प्रधानमंत्री थे और उनका जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद में हुआ था। वे भारत में आजादी के बहुत वर्ष पहले ही एक महत्वपूर्ण नेता के रुप में उभर गए थे। उन्हें नए भारत का आर्किटेक्ट भी कहा  जाता है। उनके पिता का नाम मोतीलाल नेहरू था जो एक बहुत ही प्रख्यात वकील थे।

पंडित जवाहरलाल नेहरू ने शुरूआती शिक्षा इलाहाबाद में प्राप्त की। उसके बाद लंदन वकालत पढ़ने चले गए और वहां से बैरिस्टर बनके लौटे और लौटने के बाद उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत का काम शुरू किया। फिर धीरे-धीरे उन्होंने भारत की आजादी के लिए संघर्ष करना शुरू किया और वकालत छोड़ दिया। वह गांधी जी के साथ मिलकर भारत को आजाद करने के लिए काफी मेहनत करने लगे।

1920 तक आते-आते वह इंडियन नेशनल कांग्रेस में एक पहचान वाले अच्छे नेता के रूप में उभरे। उन्होंने गांधी जी के साथ मिलकर बहुत सारे आंदोलनों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्हें स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कई बार जेल भी जाना पड़ा और पुलिस की लाठियां भी खानी पड़ी। उनके और अन्य देशभक्त नेताओं की मदद से 1947 में देश आजाद हुआ। कांग्रेस के बहुत सारे नेताओं ने जवाहरलाल नेहरु को भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में चुना।

भारत की आजादी के बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू जब प्रधानमंत्री बनें तो उन्होंने भारत की प्रगति के लिए अथक प्रयास किया। इसी का नतीजा था कि भारत आजादी के समय काफी गरीब था लेकिन वह धीरे-धीरे तरक्की की राह पर आगे बढ़ा। उनकी लीडरशिप में कांग्रेस ने आजादी के बाद लगातार तीन चुनाव में जीत दर्ज की। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने मरते दम तक भारत के लिए बहुत सारा काम किया। उनका देहांत 27 मई 1964 को दिल का दौरा पड़ने से हो गया। बच्चों से उनके प्यार और लगाव के कारण बच्चे उन्हें चाचा नेहरू के नाम से जानते थे।

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